NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 14 गिरगिट
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पाठ्य पुस्तक प्रश्न
मौखिक
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
प्रश्न 1.
काठगोदाम के पास भीड़ क्यों इकट्ठी हो गई थी?
उत्तर:
किसी कुत्ते ने ख्यूक्रिन की उँगली काट ली थी। उसने कुत्ते को पकड़ लिया था जिससे कुत्ता डर और भय से चिल्ला रहा था। ख्यूक्रिन और कुत्ते की आवाजें सुनकर काठगोदाम के पास भीड़ इकट्ठी हो गई थी।
प्रश्न 2.
उँगली ठीक न होने की स्थिति में ख्यूक्रिन का नुकसान क्यों होता?
उत्तर:
ख्यूक्रिन का नुकसान इसलिए होता, क्योंकि ख्यूक्रिन एक कामकाजी आदमी था। वह सुनार था और उसका काम पेचीदा था। उसने खुद कहा था कि एक हफ्ते तक उँगली काम करने लायक नहीं हो सकेगी। इसीलिए तो उसने कुत्ते के मालिक से हरज़ाना दिलवाने की बात भी की।
प्रश्न 3.
कुत्ता क्यों किकिया रहा था?
उत्तर:
कुत्ता इसलिए किकिया रहा था क्योंकि उँगली में काट लेने के कारण ख्यूक्रिन उसे मार-पीट रहा था। उसने कुत्ते की टाँग पकड़ रखी थी जिससे कुत्ता आतंकित हो रहा था।
प्रश्न 4.
बाजार के चौराहे पर खामोशी क्यों थी?
उत्तर:
बाज़ार के चौराहे पर किसी आदमी का न होना यह संकेत करता है कि चौराहे पर मात्र बेजान वस्तुएँ थीं। खरीदने-बेचने का काम पूरी तरह बंद था अर्थात् बाज़ार में होने वाली हलचल पूरी तरह बंद थीं। बाजार की दुकानों के सामने कोई भिखारी तक नहीं था। उपरिलिखित कारणों से बाजार के चौराहे पर खामोशी थी।
प्रश्न 5.
जनरल साहब के बावर्ची ने कुत्ते के बारे में क्या बताया?
उत्तर:
जनरल साहब के बावर्ची ने कुत्ते के बारे में बताया कि यह हमारा नहीं है। यह तो जनरल साहब का है, जो कुछ देर पहले यहाँ आए हैं। उन्हें यही नस्ल पसंद है।
लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
प्रश्न 1.
ख्यूक्रिन ने मुआवज़ा पाने की क्या दलील दी?
उत्तर:
ख्यूक्रिन ने मुआवजा पाने की यह दलील दी कि वह कामकाजी आदमी है तथा उसका काम पेंचीदा किस्म का है। कुत्ते द्वारा उँगली काट खाने से अब वह हफ्ते भर तक काम नहीं कर सकता है। इससे उसका काफ़ी नुकसान होगा।
प्रश्न 2.
ख्यूक्रिन ने ओचुमेलॉव को उँगली ऊपर उठाने का क्या कारण बताया ?
उत्तर:
ख्यूक्रिन ने ओचुमेलॉव को उँगली ऊपर उठाने का यह कारण बताया कि वह! तो मेढ़े की तरह चुपचाप जा रहा था, मुझे मित्री मित्रिच से लकड़ी लेकर कुछ काम निपटाना था, तब अचानक इस कंबख्त कुत्ते ने मेरी उँगली काट खाई। उसने साथ में यह भी कहा कि वह एक कामकाजी आदमी है और उसका काम पेचीदा किस्म का है, इसलिए वह सप्ताह तक काम करने की स्थिति में नहीं है।
प्रश्न 3.
येल्दीरीन ने ख्यूक्रिन को दोषी ठहराते हुए क्या कहा?
उत्तर:
येल्दीरीन ने ख्यूक्रिन को दोषी ठहराते हुए इंसपेक्टर से कहा कि ख्यूक्रिन हमेशा कोई-न-कोई शरारत करता रहता है। जरूर ही इसने अपनी जलती सिगरेट से इसकी नाक जला दी होगी, जिससे कुत्ते ने इसे काटा है। इसमें सारा दोष ख्यूक्रिन का ही है।
प्रश्न 4.
ओचुमेलॉव ने जनरल साहब के पास यह संदेश क्यों भिजवाया होगा कि उनसे कहना कि यह मुझे मिला और मैंने इसे वापस उनके पास भेजा है?
उत्तर:
ओचुमेलॉव एक चापलूस तथा भाई-भतीजावाद में विश्वास रखने वाला पुलिस इंस्पेक्टर था। वह जनरल साहब पर अपनी कर्तव्यनिष्ठा व वफ़ादारी की छाप छोड़ना चाहता था। इसलिए उसने जनरल साहब को यह संदेश भिजवाया कि यह कुत्ता उसे गली में मिला है और वह उसे वापिस भेज रहा है, क्योंकि उसे जनरल साहब के कुत्ते का बहुत खयाल है। कुत्ता काफ़ी महँगा है और इसे कोई भी नुकसान पहुँचा सकता है।
प्रश्न 5.
भीड़ ख्यूक्रिन पर क्यों हँसने लगती है?
उत्तर:
कुत्ते द्वारा काटे जाने से काम करने में असमर्थ ख्यूक्रिन कुत्ते के मालिक से मुआवजा चाहता था, परंतु जब इंसपेक्टर को ज्ञात होता है कि वह कुत्ता जनरल के भाई साहब का है तो वह ख्यूक्रिन को धमकाने और कुत्ते को पुचकारने लगता है। इससे ख्यूक्रिन की स्थिति कुत्ते से भी बदतर हो जाती है और भीड़ हँसने लगती है।
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
प्रश्न 1.
किसी कील-वील से उँगली छील ली होगी’-ऐसा ओचुमेलॉव ने क्यों कहा?
उत्तर:
ओचुमेलॉव दोहरी भूमिका जीने वाला चाटुकार, अवसरवादी इंसपेक्टर था। पहले तो वह ख्यूक्रिन को काटने वाले कुत्ते के मालिक को सबक सिखाने, उसे खुला छोड़ देने के लिए दंड देना चाहता था। वह जानना चाहता था कि आखिर यह कुत्ता है किसका, पर जैसे ही उसे पता चलता है कि यह कुत्ता जनरल साहब का है, वह अपना रंग-ढंग और बात बदल लेता है। वह कहता है ख्यूक्रिन कुत्ते पर झूठा आरोप लगा रहा है, जबकि उसने कील-वील से उँगली छील ली होगी। वह ऐसा इसलिए कहता है ताकि वह जनरल साहब की कृपा का पात्र बनकर पदोन्नति पा सके।
प्रश्न 2.
ओचुमेलॉव के चरित्र की विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
ओचुमेलॉव के चरित्र की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं
- ओचुमेलॉव एक अवसरवादी पुलिस इंस्पेक्टर है।
- वह समय, परिस्थिति, अवसर को देखकर हमेशा अपनी प्रतिक्रिया एवं कथनों को बदल लेता है।
- वह अपनी वाकू-पटुता की विशेषताओं का अच्छी तरह से लाभ उठाता है। तभी तो कभी ख्यूक्रिन को हरज़ाना दिलाने की बात करता है, तो कभी मरियल-से कुत्ते को ‘सुंदर डॉगी’ कहता है।
- वह उच्च वर्ग के प्रति विशेष पक्षपात का सहारा लेता है और कुत्ते को जनरल साहब के पास भेज देता है।
अर्थात् ओचुमेलॉव अवसरवादी, वाक्-पटुता में माहिर तथा उच्च वर्ग का साथ देनेवाला व कहानी का मुख्य पात्र है।
प्रश्न 3.
यह जानने के बाद कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है-ओचुमेलॉव के विचारों में क्या परिवर्तन आया और क्यों?
उत्तर:
यह जानने के बाद कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है-ओचुमेलॉव के व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर आ जाता है। कुछ देर पहले तक जो इंसपेक्टर कुत्ते का काम खत्म करने की बात कर रहा था, वह यह बात जानने के बाद गिरगिट की भाँति रंग बदल लेता है और कुत्ते को पुचकारते हुए उसे अत्यंत सुंदर डॉगी और अत्यंत खूबसूरत पिल्ला कहने लगता है। वह उसे नन्हा शैतान कहकर जनरल के बावर्ची को सौंप देता है। अब वह पीड़ित ख्यूक्रिन को ही धमकाता है। ऐसा वह इसलिए करता है ताकि जनरल साहब से अपना स्वार्थ पूरा करा सके। वह उन्हें नाराज नहीं करना चाहता था तथा समय आने पर उनसे लाभ उठाने की फिराक में था।
प्रश्न 4.
ख्यूक्रिन का यह कथन कि “मेरा एक भाई भी पुलिस में है …।’ समाज की किस वास्तविकता की ओर संकेत करता है ?
उत्तर:
ख्यूक्रिन का यह कथन समाज में फैली अराजकता तथा भाई-भतीजावाद की वास्तविकता की ओर संकेत करता है। जब भी किसी व्यक्ति का कोई संबंधी पुलिस में होता है, तो वह उसके सहारे से न्याय प्राप्त करना चाहता है। जब पुलिस इंस्पेक्टर को यह पता चला कि यह कुत्ता जनरल साहब या उनके भाई का है तो उसने ख्यूक्रिन को ही दोषी ठहरा दिया, तब ख्यूक्रिन ने न्याय न मिलता देख तथा न्याय मिलने की इच्छा में ऐसा कहा कि उसका भाई भी पुलिस में है।
प्रश्न 5.
इस कहानी का शीर्षक ‘गिरगिट क्यों रखा होगा? क्या आप इस कहानी के लिए कोई अन्य शीर्षक सुझा सकते हैं?
अपने शीर्षक का आधार भी स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
इस कहानी का शीर्षक ‘गिरगिट’ इसलिए रखा गया होगा क्योंकि गिरगिट ऐसा जीव है जो परिस्थिति की माँग के अनुसार रंग बदलने में सिद्धहस्त है। इस कहानी का प्रमुख पात्र ओचुमेलॉव का चरित्र भी कुछ ऐसा ही है। वह अपने स्वार्थ एवं लाभ के लिए अपनी सोच, बात, व्यवहार और दृष्टिकोण को बार-बार बदलता रहता है। इतना ही नहीं वह सच को झूठ और झूठ को सच सिद्ध करने से भी नहीं चूकता है। वह भीड़ और जनसमूह को देखकर उनके जैसा बनने की कोशिश करते हुए उनसे दिखाता है परंतु जनरल और उनके भाई का नाम सुनते ही गिरगिट की भाँति रंग बदल लेता है। इंसपेक्टर का ऐसा व्यक्तित्व देख इसका शीर्षक ‘गिरगिट’ रखा गया होगा। इसका अन्य शीर्षक हो सकता है-स्वार्थी इंसपेक्टर या हरजाना, क्योंकि दोनों ही शीर्षक पाठ का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रश्न 6.
‘गिरगिट’ कहानी के माध्यम से समाज की किन विसंगतियों पर व्यंग्य किया गया है? क्या आप ऐसी विसंगतियाँ अपने समाज में देखते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
‘गिरगिट कहानी के माध्यम से लेखक ने समाज में व्याप्त कई विसंगतियों पर व्यंग्य किया है, जो निम्नलिखित हैं-
- पुलिस समाज में उच्च वर्ग का साथ देती है तथा आम जनता के साथ उसका व्यवहार उपेक्षापूर्ण होता है।
- सामान्य व्यक्ति को तो छोटे-से अपराध के लिए भी दंडित किया जाता है, लेकिन उच्च वर्ग के छोटे-मोटे अपराधों को अनदेखा कर दिया जाता है।
- समाज में भ्रष्टाचार चारों ओर व्याप्त है, छोटे से बड़े स्तर तक अधिकतर लोग बेईमानी का साथ देते हैं।
- भाई-भतीजावाद का बोलबाला है।
आज भी हमारे समाज में ऐसी विसंगतियाँ देखने को मिलती हैं। आज कमजोर व असहाय व्यक्ति की कोई सहायता नहीं करता। लोग पक्षपात पूर्ण व्यवहार के शिकार हो रहे हैं। हम देखते हैं कि पुलिस की मनमानी आज भी चल रही है। उच्चवर्ग व शासन-वर्ग अपराध कर भी दे, तो वह बच जाता है या उसे बचा दिया जाता है। आज सज्जन व्यक्ति को समाज में अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। पुलिस का व्यवहार सामान्य आदमी के प्रति उपेक्षापूर्ण है। पुलिस जनता का नहीं अपना हित साधती है। आज समाज में जंगलराज है। जिसकी लाठी उसकी भैंस’ वाला सिद्धांत चल रहा है। पुलिस अधिकारियों के नाम अलग भले ही हों, पर काम एक जैसे ही हैं।
(ग) निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
प्रश्न 1.
उसकी आँसुओं से सनी आँखों में संकट और आतंक की गहरी छाप थी।
उत्तर:
आशय यह है जिस कुत्ते ने ख्यूक्रिन की उँगली काट खाई थी, उसे ख्यूक्रिन ने पकड़ लिया था। वह जोर-जोर से किकिया रहा था। ख्यूक्रिन ने उसे मारा भी था, इसलिए वह काँप रहा था। पकड़ लिए जाने से कुत्ता भावी संकट का अनुमान कर और भी आतंकित हो रहा था। यह सब उसकी आँखों में साफ़ तौर पर देखा जा सकता था।
प्रश्न 2.
कानून सम्मत तो यही है … कि सब लोग अब बराबर हैं।
उत्तर:
इसका आशय है कि जब येल्दीरीन ख्यूक्रिन को दोषी ठहराता है, तो ख्यूक्रिन अपने बचाव के लिए कानून की दुहाई देता है और निष्पक्षता की बात करता है कि कानून की दृष्टि में समाज के सभी लोग समान हैं। कानून किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करता अर्थात् वह ओचुमेलॉव से न्याय दिलाने की बात कहता है, जिसका वह हकदार है।
प्रश्न 3.
हुजूर! यह तो जनशांति भंग हो जाने जैसा कुछ दीख रहा है।
उत्तर:
ये सिपाही येल्दीरीन का कथन है जो देखता है कि काठगोदाम के पास भीड़ जमा है। एक आदमी चीखकर कहता है, “मत जाने दो।” एक कुत्ता किकिया रहा है और उसकी टाँग पकड़े ख्यूक्रिन चीख रहा है। यह दृश्य देख सिपाही अपने इंसपेक टर ओचुमेलॉव से कहता है कि कानून व्यवस्था भंग होने से लोग इस प्रकार इकट्ठे होकर शायद विद्रोह करना चाहते हैं।
भाषा अध्ययन
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए-
- माँ ने पूछा बच्चो कहाँ जा रहे हो
- घर के बाहर सारा सामान बिखरा पड़ा था।
- हाय राम यह क्या हो गया।
- रीना सुहेल कविता और शेखर खेल रहे थे
- सिपाही ने कहा ठहर तुझे अभी मजा चखाता हूँ।
उत्तर:
- माँ ने पूछा- “बच्चो! कहाँ जा रहे हो?”
- घर के बाहर सारा सामान बिखरा पड़ा था।
- हाय राम! यह क्या हो गया?
- रीना, सुहेल, कविता और शेखर खेल रहे थे।
- सिपाही ने कहा- “ठहर, तुझे अभी मजा चखाता हूँ।”
प्रश्न 2.
नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित अंश पर ध्यान दीजिए-
- मेरा एक भाई भी पुलिस में है।
- यह तो अति सुंदर ‘डॉगी है।
- कल ही मैंने बिलकुल इसी की तरह का एक कुत्ता उनके आँगन में देखा था।
वाक्य के रेखांकित अंश ‘निपात’ कहलाते हैं, जो वाक्य के मुख्य अर्थ पर बल देते हैं। वाक्य में इनसे पता चलता है। कि किस बात पर बल दिया जा रहा है और वाक्य क्या अर्थ दे रहा है। वाक्य में जो अव्यय किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष प्रकार का बल या भाव उत्पन्न करने में सहायता करते हैं, उन्हें निपात कहते हैं;
जैसे- ही, भी, तो, तक आदि।
ही, भी, तो, तक आदि निपातों का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाइए-
उत्तर:
- मैं आज ही अलीगढ़ जाऊँगा।
- अब तुम भी कुछ करो।
- मैं जा तो रहा हूँ।
- कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है।
- तुम आज से ही पढ़ाई शुरू कर दो।
प्रश्न 3.
पाठ में आए मुहावरों में से पाँच मुहावरे छाँटकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
- उस भयानक जंगल में आदमी का नामो-निशान तक नहीं था।
- भारत में गरीबी के रेखा के नीचे जीने वाले नरक की जिंदगी जी रहे हैं।
- हमें अपने बड़ों की बातें गाँठ बाँध लेनी चाहिए।
- सिपाही ने चोर को पीटकर मजा चखाया।
- लालबत्ती पर चौराहा पार करने वालों पर जुर्माना होना चाहिए।
प्रश्न 4.
नीचे दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए
………….. + भाव = …………..
………….. + पसंद = …………..
………….. + धारण = …………..
………….. + उपस्थित = …………..
………….. + लायक = …………..
………….. + विश्वास = …………..
………….. + परवाह = …………..
………….. + कारण = …………..
उत्तर:
उपसर्ग शब्द:
- अ + भाव = अभाव
- ना + पसंद = नापसंद
- निर् + धारण = निर्धारण
- अन् + उपस्थित = अनुपस्थित
- ना + लायक = नालायक
- अ + विश्वास = अविश्वास
- ला + परवाह = लापरवाह
- अ + कारण = अकारण
प्रश्न 5.
नीचे दिए गए शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर शब्द बनाइए-
- मदद + …………….. = ……………..
- बुधि + …………….. = ……………..
- गंभीर + …………….. = ……………..
- सभ्य + …………….. = ……………..
- ठंड + …………….. = ……………..
- प्रदर्शन + …………….. = ……………..
उत्तर:
- मदद + गार = मददगार
- बुधि + हीन = बुधिहीन
- गंभीर + ता = गंभीरता
- सभ्य + ता = सभ्यता
- ठंड + क = ठंडक
- प्रदर्शन + ई = प्रदर्शनी
प्रश्न 6.
नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित पदबंध का प्रकार बताइए-
- दुकानों में ऊँघते हुए चेहरे बाहर झाँके।
- लाल बालोंवाली एक सिपाही चला आ रहा था।
- यह ख्यूक्रिन हमेशा कोई न कोई शरारत करता रहता है।
- एक कुत्ता तीन टाँगों के बल रेंगता चला आ रहा है।
उत्तर:
- संज्ञा पदबंध
- विशेषण पदबंध
- क्रिया पदबंध
- क्रिया-विशेषण पदबंध
प्रश्न 7.
आपके मोहल्ले में लावारिस/आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को। असुविधा होती है। अतः लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम अधिकारी को एक पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
अधिकारी
दिल्ली नगर निगम
सेक्टर-22
रोहिणी दिल्ली-85
विषय : लावारिस कुत्तों से सुरक्षा के लिए पत्र
महोदय,
विनम्र अनुरोध यह है कि हमारे गाँव वेगमपुर में चार-पाँच कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। वे किसी भी चलते-फिरते व्यक्ति को काट लेते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि अपने प्राण बचाने के लिए लोगों को हॉस्पिटल जाकर इंजेकशन लगवाने पड़ते हैं। यह समस्या स्थाई-सी लग रही है। काफी दिनों से लोग कुत्तों को लेकर परेशान हैं। आपसे निवेदन है कि अतिशीघ्र कुत्तों के भय से जनता को भयमुक्त कराने के लिए प्रभावी प्रयास करें। विश्वास है कि आप हमारी सहायता करेंगे।
भवदीय
क०ख०ग
वेगमपुर
दिनांक…………..
योग्यता विस्तार
प्रश्न 1.
जिस प्रकार गिरगिट शत्रु से स्वयं को बचाने के लिए अपने आस-पास के परिवेश के अनुसार रंग बदल लेता है, उसी प्रकार कई व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए परिस्थितियों के अनुसार अपनी बात, व्यवहार, दृष्टिकोण, विचार को बदल लेते हैं। यही कारण है कि ऐसे व्यक्तियों को गिरगिट’ कहा जाता है।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें ।
प्रश्न 2.
अवसर के अनुसार व्यावहारिकता का सहारा लेना आप कहाँ तक उचित समझते हैं? इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें ।
प्रश्न 3.
यहाँ आपने रूसी लेखक चेखव की कहानी पढ़ी है। अवसर मिले तो लियो ताल्स्ताय की कहानियाँ भी पढ़िए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।
परियोजना कार्य
प्रश्न 1.
‘गिरगिट’ कहानी में आवारा पशुओं से जुड़े किस नियम की चर्चा हुई है? क्या आप इस नियम को उचित मानते हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
उत्तर:
‘गिरगिट’ कहानी में आवारा पशुओं से जुड़े इस नियम की चर्चा हुई है कि आवारा कुत्ते या पशु सार्वजनिक स्थान पर नहीं छोड़ने चाहिए, क्योंकि इनसे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ाती है। इनको छोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए। उन्हें दंडित किया जाए या करवाया जाए। दंड मिलने के भय से लोग आवारा कुत्तों या पशुओं को नहीं छोड़ेगें। आवारा कुत्तों को उनके मालिकों को सुपुर्द कर देना चाहिए। ये आवारा कुत्ते या पशु किसी भी निर्दोष व्यक्ति को काट या मार सकते हैं। इनसे जनता की सुरक्षा बहुत आवश्यक है। इनसे रक्षा के लिए कानून बनना चाहिए तथा कानून का उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जाए। हम इस नियम से पूरी तरह सहमत हैं कि कुत्ते या पशुओं के आवारा छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाया जाए और नियम तोड़ने वालों को दंडित किया जाए ताकि आम आदमी की सुरक्षा की जा सके।
प्रश्न 2.
गिरगिट कहानी का कक्षा में या विद्यालय में मंचन कीजिए। मंचन के लिए आपको किस प्रकार की तैयारी और सामग्री की ज़रूरत होगी, उनकी एक सूची भी बनाइए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।
